कटारे लंबे समय से पार्टी संगठन और विधानसभा की सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उप नेता प्रतिपक्ष के रूप में वे सरकार को घेरने और विपक्ष की रणनीति तय करने में प्रमुख चेहरा थे। हालांकि, इस्तीफे के बाद भी उन्होंने विधायक पद और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
कांग्रेस की ओर से भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यह निर्णय व्यक्तिगत कारणों से लिया गया है और हेमंत कटारे पार्टी में पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में पहले की तरह सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन फिलहाल इसे किसी अंदरूनी खींचतान से जोड़कर नहीं देखा जा रहा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में नई जिम्मेदारियों का बंटवारा भी देखने को मिल सकता है।