जानकारी के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर एसटीएफ लगातार नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान पता चला कि वह अपने एक परिचित से मिलने के लिए बैतूल आने वाला है। जैसे ही आरोपी बैतूल पहुंचा, एसटीएफ की टीम ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ भोपाल के एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, गांधी नगर इलाके में पकड़ी गई अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के खुलासे के बाद अर्जुन मालवीय का नाम जांच में सामने आया था। इसके बाद से ही उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी और उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बागसेवनिया क्षेत्र के सुरेंद्र पैलेस में ‘अर्जुन ट्रेडर्स’ के नाम से ड्रग लाइसेंस हासिल किया था। इसी लाइसेंस का इस्तेमाल कथित तौर पर कफ सिरप की खरीद-फरोख्त से जुड़े कागजी रिकॉर्ड तैयार करने और अवैध सप्लाई को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
एसटीएफ की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस स्थान पर लाइसेंस के तहत दुकान संचालित दिखाई गई थी, वह केवल कागजी दिखावे के लिए बनाई गई थी। करीब 10 महीने पहले यह दुकान लाइसेंस लेने के उद्देश्य से खोली गई थी, लेकिन वहां कभी भी ऑनरेक्स कफ सिरप की कोई वास्तविक स्टॉक मौजूद नहीं पाया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब एसटीएफ उससे पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इस अवैध कारोबार में जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कफ सिरप तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है और आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं।