Jabalpur News : जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में मदन महल से दमोहनाका तक बने नवनिर्मित फ्लाईओवर की अव्यवस्थाओं और जनता को होने वाली परेशानियों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई की।
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि फ्लाईओवर पर एंट्री और एक्जिट पॉइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे, यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात होगा और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए व्यू कटर लगाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इस तरह युगलपीठ ने सरकार के आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और याचिका का निराकरण कर दिया।
याचिका में इन चिंताओं का भी जिक्र :
तिलहरी निवासी अधिवक्ता अलका सिंह द्वारा दायर याचिका में बताया गया कि यह फ्लाईओवर शहर के व्यस्ततम आवासीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां दोनों तरफ घनी बस्तियां और कॉलोनियां हैं। फ्लाईओवर की ऊंचाई के कारण आसपास के निवासियों की निजता भंग हो रही है। वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे हॉर्न और इंजन की आवाजों से भारी ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। याचिका में कहा गया कि फ्लाईओवर की लैंडिंग्स पूरी तरह अवरुद्ध हैं और मदन महल व राइट टाउन जैसे क्षेत्रों में यू-टर्न की सुविधा न होने से ये स्थान दुर्घटना बिंदु बन गए हैं। संकेतकों की कमी के कारण दिन में कई बार जाम की स्थिति बन रही है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है।
याचिका में रात के समय तेज रफ्तार बाइकर्स के कारण बढ़ते दुर्घटना जोखिम का भी जिक्र किया गया। शाम ढलते ही फ्लाईओवर पर छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं, और यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल की अनुपस्थिति इसे और गंभीर बना रही है। इसके अलावा, फ्लाईओवर से लोग कचरा और थूक नीचे फेंकते हैं, जो आसपास के मंदिरों पर गिरता है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने सुनवाई के दौरान सुझाव दिया कि अहमदाबाद मॉडल की तर्ज पर फ्लाईओवर के दोनों किनारों पर व्यू कटर लगाए जाएं, ताकि ध्वनि प्रदूषण और गंदगी से बचा जा सके। साथ ही, लैंडिंग्स पर यू-टर्न बनाकर जाम और दुर्घटनाओं को रोका जाए।
मध्यप्रदेश सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि फ्लाईओवर पर यातायात सुचारू करने के लिए संकेतक और पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। ध्वनि प्रदूषण और निजता की समस्या से निपटने के लिए व्यू कटर लगाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इन आश्वासनों को रिकॉर्ड पर लिया और प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया।