मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सलवाद के साये से बाहर निकलकर अब 40 साल बाद विकास और स्वास्थ्य सेवाएं घर-घर पहुंच रही हैं। मेडिकल टीमों ने गांवों में डेरा डाल दिया है।