Lokayukta Raid : मध्यप्रदेश लोकायुक्त की टीम ने आज सुबह रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के इंदौर, ग्वालियर और अन्य जगहों पर छापेमारी की। जांच में उनके पास लग्जरी कारें, 5 हजार यूरो की विदेशी करेंसी और फिल्मों में निवेश के सबूत मिले। साथ ही 8 करोड़ रुपये के लेन-देन के कागजात भी बरामद हुए।
1987 में एसआई आबकारी के रूप में हुई थी भर्ती :
इंदौर के कैलाश कुंज अपार्टमेंट में तलाशी के दौरान बिजनेस स्काई पार्क के चार ऑफिस, अवि ग्रीन में फ्लैट और काउंटी वॉक कॉलोनी में बन रहा मकान सामने आया। ग्वालियर के विवेक नगर मेला मैदान के पास उनका घर भी चेक किया गया। धर्मेंद्र अभी लोकायुक्त टीम के साथ हैं। छापे में इंदौर-उज्जैन व ग्वालियर की टीमें लगी हुई हैं। उनकी नौकरी की कुल कमाई दो करोड़ रुपये थी, लेकिन लोकायुक्त को आठ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मिल चुकी है। वे 1987 में एसआई आबकारी के रूप में भर्ती हुए थे और 31 अगस्त को जिला आबकारी अधिकारी पद से रिटायर हुए।
अधिकारी के ठिकानों से क्या-क्या बरामद हुआ :
– डेढ़ किलो सोने की ईंटें।
– करीब एक किलो सोने के गहने।
– ढाई किलो से अधिक चांदी के आभूषण।
– 75 लाख रुपये नकद।
– महंगी घड़ियां, परफ्यूम व साड़ियां।
– रिवाल्वर व रायफल।
धर्मेंद्र के ससुर गुजरात में अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय :
धर्मेंद्र भदौरिया के ससुर एके सिंह गुजरात में अवैध शराब के धंधे में लगे हैं। गुजरात में शराबबंदी के चलते मध्य प्रदेश से खूब तस्करी होती है, खासकर अलीराजपुर जैसे जिलों से। एके सिंह पर करोड़ों का कारोबार चलाने का आरोप है।