मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में मस्जिद के इमाम के कमरे से लगभग 19 लाख के नकली नोट बरामद होने के मामले की जांच अब एक विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है। यह एसआईटी पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए बनाई गई है।
पूछताछ के लिए मालेगांव गई टीम
गिरफ्तार इमाम जुबेर अंसारी से गहन पूछताछ के लिए खंडवा पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र के मालेगांव भेजी गई है। पुलिस पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि:
ये नकली नोट कहाँ छापे गए थे।
इन्हें खंडवा तक कैसे पहुँचाया गया।
इन्हें बाजार में खपाने की क्या योजना थी।
इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मालेगांव पुलिस की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद, इमाम जुबेर अंसारी को आगे की पूछताछ के लिए खंडवा लाया जाएगा। इमाम बुरहानपुर के हरी नगर क्षेत्र का रहने वाला है और उस पर पहले से ही छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बरामद किए लगभग ₹20 लाख के नकली नोट
पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज कुमार राय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 29 और 30 अक्टूबर की रात को मालेगांव पुलिस ने दो आरोपियों से लगभग 10 लाख के नकली नोट जब्त किए थे।
पूछताछ में पता चला कि एक आरोपी जुबेर अंसारी खंडवा के पेठिया गाँव में इमाम है। मालेगांव पुलिस से मिली जानकारी के बाद, खंडवा पुलिस ने पेठिया मदरसे के ऊपरी हिस्से में बने इमाम के कमरे की तलाशी ली और वहां से लगभग 16.80 लाख के नकली नोट। 3.28 लाख के बिना कटे (अधूरी छपाई वाले) नोट।
इस प्रकार, कुल ₹19 लाख 78 हजार के नकली नोट दो बैगों में भरे हुए बरामद किए गए। सभी नोट ₹500 के मूल्यवर्ग के हैं। पुलिस ने मौके से दो मोबाइल फोन, एक कटर और नोट सूखाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक ड्रायर भी जब्त किया है।
नोट छापने के उपकरण नहीं मिले
एसपी ने बताया कि आरोपी पर बुरहानपुर में पाँच और खंडवा जिले में एक अपराध पहले से दर्ज है। चूंकि इमाम के कमरे से नोट छापने वाले कोई उपकरण नहीं मिले हैं, इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नोट कहीं और छापे गए थे। इमाम जुबेर अंसारी से पूछताछ के बाद ही इस पूरे गिरोह और उसकी कार्यप्रणाली का पता चल पाएगा।