Bhopal EOW Raid : भोपाल। मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शुक्रवार को भोपाल के प्रमुख उद्योगपति दिलीप गुप्ता के खिलाफ बड़ा हमला बोला। एमपी नगर में स्थित उनके कॉर्पोरेट ऑफिस और चूना भट्टी इलाके के आलीशान बंगले पर एक साथ दबिश देकर EOW ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई निवेशकों को लालच देकर 35.37 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपों से जुड़ी है। जांच एजेंसी ने दोनों जगहों से महत्वपूर्ण कागजात, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए हैं।
एक महीने पहले EOW ने दिलीप गुप्ता और उनकी दो कंपनियों – मेसर्स डीजी माइंस एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड तथा मेसर्स श्री मां सीमेंटेक प्राइवेट लिमिटेड – के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता निवेशक के मुताबिक, गुप्ता ने ‘हाई रिटर्न’ का झांसा देकर कई लोगों से करोड़ों जमा करवाए। लेकिन वादे के मुताबिक न तो मूलधन लौटाया गया और न ही कोई लाभ दिया गया। गुप्ता पर शेयर बाजार में हेरफेर और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को बेवकूफ बनाने का आरोप है।
EOW के एसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों से निवेश रजिस्टर, बैंक स्टेटमेंट और संदिग्ध ट्रांजेक्शन का नेटवर्क उजागर हो रहा है। गुप्ता से पूछताछ जारी है और उनके सहयोगियों पर भी नजर रखी जा रही है। अगर आरोप साबित हुए तो IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत सख्त सजा हो सकती है।
यह मामला भोपाल के बिजनेस सर्कल में सनसनी फैला रहा है। गुप्ता माइनिंग और सीमेंट सेक्टर के बड़े नाम हैं, लेकिन अब उनकी संपत्ति और सौदों पर सवाल उठने लगे हैं। EOW ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी निवेश घोटालों पर लगाम लगाने के लिए और छापे पड़ सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी गई है कि किसी भी स्कीम में पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें।