Jabalpur News : जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कटनी के विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक को हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक की याचिका में पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है। सोमवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की युगलपीठ ने देखा कि विधायक के आवास पर नोटिस तामील नहीं हो पाया। कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया कि अब विधानसभा सचिव के माध्यम से नोटिस तामील कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।
क्या है पूरा मामला?
अगस्त 2021 से जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते विधायक संजय पाठक के इशारे पर उसके खिलाफ लगातार फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि, रज्जाक जेल में बंद होने के बावजूद उसी अवधि में कई नए आपराधिक प्रकरण दर्ज हो गए। एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरे मामले में तुरंत गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। कई पुराने केसों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट तक नहीं दी गई।
न्याय व्यवस्था के साथ छलावा (Jabalpur News) :
वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली, शारिक अकील फारुकी और अमित रायजादा ने दलील दी कि यह सब राजनीतिक दबाव और प्रभाव में हो रहा है, जो न्याय व्यवस्था के साथ छलावा है।
29 अक्टूबर की पिछली सुनवाई में कोर्ट ने रज्जाक से पूछा था कि जिस विधायक पर आरोप लगा रहे हो, उन्हें पक्षकार क्यों नहीं बनाया? इसके बाद विधायक को पक्षकार बनाया गया और अब नोटिस जारी हुआ है।
कोर्ट ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं कि जेल में बंद व्यक्ति पर नए मुकदमे कैसे दर्ज हो सकते हैं। विधायक संजय पाठक की तरफ से अभी कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ है। 15 दिसंबर को कोर्ट में उनका पक्ष भी सुना जाएगा। यह मामला कटनी के राजनीतिक और खनन कारोबारी गलियारों में खासा चर्चा में है।