MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण बेटियों पर विवादित बयान ने पूरे राज्य में हंगामा मचा दिया है। रविवार को भोपाल के अंबेडकर मैदान में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJAKS) की प्रांतीय बैठक में वर्मा ने कहा था, “जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी को मेरे बेटे को दान नहीं देता या उसके साथ संबंध नहीं बनाता, तब तक आरक्षण जारी रहेगा।” इस 9 सेकंड के वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया, जिसके बाद वर्मा ने सोमवार को लल्लूराम डॉट कॉम को दिए साक्षात्कार में सफाई दी।
मैं रोटी-बेटी के रिश्ते का समर्थक हूं (MP News)
उन्होंने ब्राह्मण समाज से माफी मांग ली और कहा, “मेरे 27 मिनट के भाषण से जानबूझकर सिर्फ 9 सेकंड का हिस्सा वायरल किया गया। मैंने ‘दान’ नहीं, ‘कन्यादान’ शब्द का इस्तेमाल किया था। मेरी बेटी खुद दूसरे समाज में ब्याही है। मैं रोटी-बेटी के रिश्ते का समर्थक हूं। सनातनी हूं और पूजा-पाठ करता हूं। असली और नकली AJAKS की लड़ाई में ये साजिश रची गई। हम जल्द एक्सपोज करेंगे।”
गिरफ्तारी हो, वरना राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे (MP News)
वर्मा का यह बयान पहले भी विवादों में रहा है। 2021 में वे फर्जी कोर्ट ऑर्डर बनाकर IAS प्रमोशन लेने के आरोप में जेल जा चुके हैं। लेकिन इस बार ब्राह्मण समाज ने कड़ा रुख अपनाया। ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा, “यह बेटियों का अपमान है। FIR दर्ज हो, गिरफ्तारी हो, वरना राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।” हिंदू उत्सव समिति के चंद्रशेखर तिवारी ने भी माफी की मांग की। मंत्रालय सेवा अधिकारी संघ के इंजीनियर सुधीर नायक ने इसे “ऊपरी जातियों का अपमान” बताते हुए IAS कंडक्ट रूल्स के तहत कार्रवाई की मांग की।
पूर्व IAS हीरालाल त्रिवेदी का कटाक्ष (MP News)
सपाक्स (SC-ST-PWD & OBC Association of Karmachari) के राष्ट्रीय संयोजक और सेवानिवृत्त IAS डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने वर्मा के बयान को “घटिया, निर्दिष्ट और निंदनीय” करार दिया। उन्होंने कहा, “ब्राह्मण बेटी को दान करने या संबंध बनाने की बात कही गई है। इतना नीच बयान नहीं हो सकता। अपनी बेटी और दूसरों की बेटी में फर्क करने वाला व्यक्ति सामाजिक पद पर फिट नहीं। AJAKS, सपाक्स, OBC सबको बहिष्कार करना चाहिए। FIR हो, गिरफ्तारी हो। सरकार कार्रवाई करे, वरना हम आंदोलन करेंगे।”
वर्मा का बयान AJAKS के प्रांतीय अध्यक्ष बनने के बाद आया, जहां उन्होंने आरक्षण को जातिगत एकता से जोड़ा। लेकिन वायरल वीडियो ने इसे अपमानजनक बना दिया। ब्राह्मण समाज ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है और अगर FIR न हुई तो धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। सरकार ने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन IAS कंडक्ट रूल्स के तहत विभागीय जांच हो सकती है।