VIT University Case : आष्टा। VIT भोपाल यूनिवर्सिटी में दूषित पानी और खराब खाने के मामले में अब लैब रिपोर्ट ने प्रबंधन की पोल खोल दी है। PHE विभाग ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों से लिए 18 पानी के सैंपल में से 4 में सूक्ष्म जीवाणु (बैक्टीरिया) पाए हैं। रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। अब स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एडवाइजरी जारी करने वाला है।
PHE की रिपोर्ट में क्या निकला? (VIT University Case)
बता दें कि, कुल 18 सैंपल लिए गए थे। 4 सैंपल फेल हुए – इनमें हल्के बैक्टीरियल कंटैमिनेशन मिले। बाकी 14 सैंपल पास हुए लेकिन प्रबंधन की लापरवाही साफ नजर आई। कार्यपालन यंत्री प्रदीप सक्सेना ने कहा, “रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है। दूषित पानी से छात्र बीमार पड़ रहे थे, अब आगे की कार्रवाई प्रशासन करेगा।”
कुलपति को नोटिस, 7 दिन का अल्टीमेटम (VIT University Case)
उच्च शिक्षा विभाग ने VIT के कुलाधिपति को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।
मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर नोटिस दिया है। इसमें पूछा गया है कि, छात्रों के साथ मारपीट, दूषित पानी-खाना क्यों? कार्रवाई क्यों न हो? 7 दिन में जवाब नहीं आया तो एकतरफा एक्शन हो सकता है।
क्या था पूरा मामला? (VIT University Case)
छात्रों ने दूषित पानी और खराब खाने की शिकायत की थी। एक छात्र के साथ वार्डन-गार्डों ने मारपीट की। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ की जिसके बाद 4-5 बसें फूंकीं गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। इसके बाद प्रबंधन ने 8 दिसंबर तक अवकाश घोषित कर दिया।
फिलहाल कैंपस में सन्नाटा है। ज्यादातर छात्र घर चले गए हैं। प्रशासन अब पानी की सप्लाई, मेस और हॉस्टल की पूरी जांच करने जा रहा है। छात्रों ने कहा है – “8 दिसंबर को वापस आएंगे तो सुधार नहीं हुआ तो फिर बड़ा आंदोलन करेंगे।” प्रकरण अब पूरी तरह प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग के रडार पर है। जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई होने के संकेत हैं।