MP Assembly : मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बालाघाट जिले के उद्योग विभाग के प्लॉट आवंटन पर जोरदार बहस छिड़ गई। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने विभागीय जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ही प्लॉट को चार लोगों को आवंटित कर दिया गया और कुल 72 प्लॉट नियम तोड़कर बांटे गए। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मंत्री चैतन्य कश्यप ने सफाई दी कि 19 प्लॉट के लिए एक ही आवेदन आया था और छह प्लॉट SC-ST वर्ग को दिए गए, लेकिन मुंजारे ने इनकार करते हुए कहा कि पारदर्शिता की कमी है।
आरोपी पक्ष ने आदिवासियों की फसलें जला दीं (MP Assembly)
वहीं, खरगापुर क्षेत्र के भटगौरा गांव में आदिवासी परिवारों की फसलें नष्ट करने और जान से मारने की धमकी के मामले पर विधायक चंदा सुरेंद्र सिंह गौर ने सदन में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष ने आदिवासियों की फसलें जला दीं और धमकी दी। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जवाब दिया कि दोनों पक्षों की FIR दर्ज हो चुकी है और आरोपी की तलाश जारी है। गौर ने मुआवजे और सुरक्षा की मांग की।
खरगोन में पहले से बटालियन मौजूद (MP Assembly)
खरगोन से भाजपा विधायक कंचन तनवे ने जिले को सिमी गतिविधियों का संवेदनशील केंद्र बताते हुए SAF बटालियन स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले, तस्करी और नकली नोटों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पास के खरगोन में पहले से बटालियन मौजूद है जो तुरंत मदद पहुंचा सकती है, लेकिन तनवे ने स्थानीय बटालियन की जरूरत पर जोर दिया। सदन में ये मुद्दे उठने से विकास, आदिवासी सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर बहस तेज हो गई।