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MP Naxal Surrender : 1 करोड़ के इनामी रामधेर मज्जी सहित 12 माओवादियों का सरेंडर

MP Naxal Surrender : 1 करोड़ के इनामी रामधेर मज्जी सहित 12 माओवादियों का सरेंडर

MP Naxal Surrender : भोपाल। मध्यप्रदेश को नक्सल-मुक्त बनाने के केंद्र सरकार के ‘मिशन 2026’ को अब ठोस सफलता मिलने लगी है। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के कुम्ही गांव में सोमवार तड़के सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) और MMC जोन (मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) प्रभारी रामधेर मज्जी ने अपने 11 टॉप कमांडरों समेत हथियार डाल दिए। यह सरेंडर बालाघाट-खैरागढ़ सीमा के करीब बकरकट्टा थाने में हुआ, जहां रामधेर ने AK-47 सहित भारी हथियार पुलिस को सौंपे। इससे दक्षिणी MMC जोन का आखिरी किला ढह गया और मध्य प्रदेश लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो गया।

सरेंडर करने वाले प्रमुख माओवादी (MP Naxal Surrender)

– रामधेर मज्जी (CCM, ₹1 करोड़ इनामी, MMC जोन प्रभारी)
– चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम (DVCM रैंक)
– रामसिंह दादा, सुकेश पोट्टम (ACM रैंक)
– लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता, सागर (पार्टी मेंबर रैंक)

महिलाओं समेत कुल 12 माओवादियों ने INSAS, SLR, .303, .30 कार्बाइन और AK-47 जैसे घातक हथियार जमा किए। इनके सिर पर तीन राज्यों में कुल ₹2.36 करोड़ का इनाम था। छत्तीसगढ़ IG (बस्तर रेंज) संदीप अग्रवाल ने इसे “नक्सली ढांचे पर निर्णायक प्रहार” बताया।

29 नवंबर को खुलासा किया था कि रामधेर अपने बचे 14 कैडरों के साथ दक्षिणी MMC जोन के घने जंगलों में छिपा है। अनंत उर्फ विकास नागपुरे (इंस्पेक्टर आशीष शर्मा हत्याकांड का आरोपी) के सरेंडर के बाद रामधेर अलग-थलग पड़ गया था। अनंत ने जाते-जाते चार कैडरों को रामधेर से संपर्क करने को कहा था। उसी का नतीजा यह सरेंडर है।

मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक हफ्ता (MP Naxal Surrender)

रविवार को बालाघाट में CM डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में KB डिवीजन के 10 नक्सली (₹2.36 करोड़ इनामी) सरेंडर कर चुके थे। इनमें 62 लाख इनामी कबीर भी शामिल था। महाराष्ट्र के गोंदिया में 11 नक्सली (अनंत उर्फ विकास नागपुरे के नेतृत्व में) सरेंडर। CM मोहन यादव ने कहा, “31 मार्च 2026 तक MP को पूरी तरह नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा हो रहा है। डिंडोरी-मंडला पहले ही मुक्त हो चुके हैं। सरेंडर करने वालों को नई जिंदगी देंगे।”

सरकार की पुनर्वास नीति कारगर (MP Naxal Surrender)

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार सर्चिंग, ग्रामीणों का सहयोग बंद होना और आकर्षक पुनर्वास पैकेज (रोजगार, शिक्षा, ₹5 लाख अनुदान) ने माओवादियों को हथियार डालने पर मजबूर किया। रामधेर जैसे शीर्ष नेता का सरेंडर MMC जोन के लिए करारा झटका है।

पुलिस अब पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद कर रही है। बालाघाट SP आदित्य मिश्रा ने कहा, “नक्सलियों के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा। बाकी कैडर भी जल्द सरेंडर करेंगे।” यह सरेंडर नक्सल-मुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर है।

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