जबलपुर। सेंट्रल GST विभाग में रिश्वतखोरी के सनसनीखेज मामले में CBI की जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और इंस्पेक्टर सचिन खरे के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है, जिसमें डेटा, चैट और कॉल रिकॉर्डिंग की पड़ताल की जा रही है।
रिश्वतखोर अधिकारियों के बैंक खाते और लॉकर भी CBI के रडार पर हैं। टीम ने फरार अधीक्षक मुकेश बर्मन की तलाश और तेज कर दी है।
बीते बुधवार को CBI ने फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई की। एक होटल संचालक (विवेक त्रिपाठी) से असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और अधीक्षक मुकेश बर्मन के इशारे पर इंस्पेक्टर सचिन खरे ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इनमें से 4 लाख रुपये लेते सचिन खरे को मदन महल क्षेत्र में एक मॉल के पास करीब 5-10 किमी पीछा करने के बाद गिरफ्तार किया गया। रिश्वत की रकम उनकी गाड़ी की डिक्की से बरामद हुई।
विवेक वर्मा और सचिन खरे को रिमांड पर लिया गया है। CBI की छापेमारी में महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए थे। अब फोन और बैंक डिटेल्स की जांच से और खुलासे होने की संभावना है। यह मामला CGST विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर कर रहा है। जांच आगे बढ़ने पर और अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं।