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MP में ठंड और बारिश का 'डबल अटैक': 20 जिलों में घने कोहरे का पहरा, 2 फरवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज


भोपाल । मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग IMD ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।

कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।

2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।

कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।

2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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