मेजबान इटली को घरेलू मैदान का फायदा
मेजबान देश होने के कारण इटली ने तीनों इवेंट्स के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा ओलंपिक मिश्रित डबल्स चैंपियन स्टेफानिया कॉन्स्टेंटिनी और अमोस मोसानर की जोड़ी एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। घरेलू दर्शकों का समर्थन और पिछले अनुभव इटली को इस वर्ग में मजबूत बना सकता है।
पुरुष वर्ग में दिग्गजों की टक्कर
पुरुष टीम इवेंट में स्वीडन, ब्रिटेन और कनाडा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इन तीनों देशों की कर्लिंग परंपरा बेहद समृद्ध रही है और पिछले ओलंपिक व विश्व चैंपियनशिप में इनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। तकनीकी सटीकता, रणनीतिक खेल और अनुभव के दम पर ये टीमें एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देने वाली हैं।
महिला वर्ग में भी कांटे की लड़ाई
महिला टीम इवेंट में ब्रिटेन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन के रूप में उतरेगा, जबकि कनाडा ने 2025 वर्ल्ड कर्लिंग चैंपियनशिप में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था। इसके अलावा स्विट्जरलैंड, स्वीडन और दक्षिण कोरिया की टीमें भी मजबूत चुनौती पेश करने को तैयार हैं। इन टीमों के मुकाबले अक्सर बेहद कम अंतर से तय होते हैं, जिससे रोमांच अपने चरम पर रहता है।
चीन की नजरें ऐतिहासिक प्रदर्शन पर
चीन पुरुष और महिला दोनों वर्गों में टीमें उतार रहा है। स्किप शू जियाओमिंग और वांग रुई तीसरी बार ओलंपिक में जगह बनाने की कोशिश में हैं, जिससे उनके अनुभव और नेतृत्व की बड़ी परीक्षा होगी। 41 वर्षीय जू वैंकूवर 2010 में हिस्सा ले चुके हैं और सोची 2014 में चीन को चौथे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं, जो अब तक पुरुष कर्लिंग में चीन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। वहीं 30 वर्षीय वांग को टीम का आध्यात्मिक लीडर माना जाता है, जिनका अनुभव टीम को मजबूती दे सकता है।
रोमांच से भरपूर होगी कर्लिंग की जंग
कुल मिलाकर, विंटर ओलंपिक 2026 में कर्लिंग प्रतियोगिताएं अनुभव बनाम युवा जोश, रणनीति बनाम आक्रामकता और परंपरा बनाम नए दावेदारों की दिलचस्प कहानी बुनने जा रही हैं। दर्शकों को हर दिन हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे।