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ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा


नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

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