इटली की इस सफलता के पीछे एक लंबी मेहनत और रणनीतिक बदलाव की कहानी छिपी है। टीम ने यूरोप क्वालीफायर 2025 में स्कॉटलैंड और ग्वेर्नसे जैसी टीमों को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। अब मुख्य टूर्नामेंट के लिए टीम की कमान 42 वर्षीय अनुभवी बल्लेबाज वेन मैडसेन के हाथों में है जिनके पास प्रथम श्रेणी और टी20 क्रिकेट का विशाल अनुभव है। लेकिन खेल प्रेमियों की निगाहें सबसे ज्यादा जेजे स्मट्स पर टिकी हैं। स्मट्स ने साल 2017 से 2021 के बीच दक्षिण अफ्रीका के लिए 6 वनडे और 13 टी20 मैच खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में डरबन सुपर जायंट्स और सनराइजर्स ईस्टर्न केप जैसी टीमों के लिए खेल चुके स्मट्स का अनुभव इटली जैसी उभरती टीम के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
जेजे स्मट्स का इटली की तरफ से खेलना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बदलते नियमों और वैश्विक विस्तार की एक खूबसूरत मिसाल है। स्मट्स ने स्वयं यह साझा किया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों से दक्षिण अफ्रीका के लिए कोई मैच नहीं खेला था जिससे वह ICC के नियमों के अनुसार किसी अन्य देश के लिए खेलने हेतु पात्र हो गए। साथ ही उनकी पत्नी के जरिए उन्हें इटली की नागरिकता और पात्रता हासिल करने में मदद मिली। यह पहली बार नहीं है जब इटली ने अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा हो। इससे पहले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेड डर्नबैक और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर जो बर्न्स भी इटली की जर्सी पहन चुके हैं।
वर्ल्ड कप के ग्रुप-C में मौजूद इटली की राह आसान नहीं होने वाली है। उन्हें इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी पूर्व चैंपियन टीमों के अलावा स्कॉटलैंड और नेपाल जैसी जुझारू टीमों से भिड़ना है। इटली अपने विश्व कप सफर का आगाज 9 फरवरी को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर स्कॉटलैंड के खिलाफ करेगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि स्मट्स की मौजूदगी से मध्यक्रम को जो मजबूती मिलेगी वह बड़े मैचों में गेम चेंजर साबित हो सकती है। अब 8 मार्च को होने वाले फाइनल तक की इस दौड़ में यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या जेजे स्मट्स और वेन मैडसेन की यह अनुभवी जोड़ी इटली को क्रिकेट जगत का नया ‘जायंट किलर’ बना पाती है या नहीं।