प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इटारसी की ओर से आ रही ग्रे रंग की कार अचानक पुल की रेलिंग तोड़ती हुई सीधे नहर में समा गई। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार सवार युवक विंडो खोलने और कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, साथ ही चिल्ला भी रहे थे, लेकिन कार के लॉक होने की वजह से वे गहरे पानी में डूब गए।
हादसा देख स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एक स्थानीय युवक ने नहर में कूदकर जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफल नहीं हो सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया। कार के दरवाजे खोलते ही तीनों युवक मृत पाए गए।
एसडीआरएफ ने बताया कि कार में युवक संघर्ष करते रहे, कांच तोड़ने के निशान मिले, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके। परिजनों के अनुसार तीनों सिवनी मालवा गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक शिवम तिवारी के पिता महेश ने बताया कि सुबह करीब छह बजे हादसे की सूचना मिली थी। अभय चौहान के पिता राकेश ने बताया कि रात में बेटे से फोन पर बात हुई थी, अभय ने कहा था कि कार से लौट रहा है और मां से खाने को लेकर बात की थी। अभय परिवार का इकलौता बेटा था।
लकी पटेल की मां वैष्णो देवी यात्रा पर हैं। लकी के पिता पहले ही देहांत हो चुके हैं और बड़े भाई की कुछ साल पहले नर्मदा में डूबने से मौत हो गई थी। लकी के घर में दो बहनें हैं, एक शादीशुदा और दूसरी अविवाहित शुभांगी।हादसे ने इटारसी और आसपास के इलाकों में मातम मचा दिया है। ग्रामीणों और परिवारवालों में गहरी शोक की लहर है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में लगी है और सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रही है। का हिस्सा बन गए हैं