Ashish Sharma : बालाघाट। राजनांदगांव के बोरतालाब जंगल में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हॉकफोर्स निरीक्षक आशीष शर्मा का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह बालाघाट पहुंचा। अंबेडकर चौक से पुलिस लाइन शहीद स्मारक तक निकली श्रद्धांजलि यात्रा में पूरा शहर उमड़ पड़ा। फूलों से लदी वाहन पर रखा तिरंगे में लिपटा शव देखकर हर आँख नम हो गई।
नक्सल डीजी ने गले लगाकर ढांढस बंधाया (Ashish Sharma)
शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक राजकुमार कर्राहे और गौरव पारधी, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, नक्सल डीजी पंकज श्रीवास्तव, आईजी संजय कुमार, कलेक्टर मृणाल मीणा, एसपी आदित्य मिश्रा सहित सीआरपीएफ और हॉकफोर्स के सैकड़ों जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सैनानी को सलामी दी। जब शहीद के छोटे भाई अंकित फूट-फूटकर रो पड़े तो नक्सल डीजी ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया। माहौल इतना भावुक हो गया कि मौजूद हर शख्स की आँखें भर आईं।
नक्सलियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी (Ashish Sharma)
नक्सल डीजी पंकज श्रीवास्तव ने कहा, “आशीष शर्मा हॉकफोर्स के सबसे बहादुर अफसरों में से एक थे। दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक प्राप्त करने वाले इस जांबाज ने फरवरी में चार नक्सलियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। बुधवार को भी वे तीन राज्यों की संयुक्त टीम को लीड कर रहे थे। जांघ, कंधे और कमर में गोली लगने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।”
पार्थिव शरीर नरसिंहपुर जिले के बोहानी के लिए रवाना (Ashish Sharma)
तीन घंटे तक चले श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद शहीद का पार्थिव शरीर एयर एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव नरसिंहपुर जिले के बोहानी के लिए रवाना किया गया। सहकर्मी जवान भी साथ गए। 2018 से बालाघाट में पदस्थ आशीष ने बैहर, गढ़ी और किन्ही इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन किए थे। उनकी शहादत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। शहीद आशीष शर्मा अमर रहें!