Balaghat News : बालाघाट। नक्सल उन्मूलन की समयसीमा नजदीक आते ही सुरक्षा बलों ने बालाघाट के जंगलों में सर्चिंग तेज कर दी है। हॉक फोर्स और CRG की संयुक्त कार्रवाई से नक्सली डर के मारे भाग निकले हैं या सरेंडर कर रहे हैं। किरनापुर थाना क्षेत्र के बोदालझोला जंगल से मंगलवार को एक प्रमुख डंप बरामद हुआ, जिसमें वायरलेस सेट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दैनिक सामग्री मिली। लगातार सर्च से नक्सली ठिकाने सूने पड़े हैं।
सर्चिंग अभियान में अब तक कई डंप पकड़े गए हैं। किरनापुर के सिरका, मोजाडेरा और अलीटोला जंगलों से विस्फोटक, लॉन्चर राउंड, कारतूस, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, दर्द निवारक इंजेक्शन, दवाइयां और नक्सली साहित्य बरामद हो चुका है। (Balaghat News) ये सामग्री जमीन में गड्ढों में छिपाकर रखी गई थी। SP आदित्य मिश्रा ने कहा, “नक्सली लांजी होते हुए छत्तीसगढ़ की ओर भाग रहे हैं। कई सरेंडर की तैयारी में हैं।”
एक महीने में 18 सरेंडर (Balaghat News)
सरकार की सख्ती और पुनर्वास नीति से नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पिछले एक महीने में 18 कुख्यात नक्सली हथियार डाल चुके हैं। SP मिश्रा ने अपील की, “नक्सलियों के पास अभी समय है। सरेंडर करें और नई जिंदगी शुरू करें। वरना सख्त कार्रवाई होगी।” उम्मीद है कि 2026 की शुरुआत तक बालाघाट नक्सल-मुक्त हो जाएगा। सर्चिंग जारी है।