Balaghat News : बालाघाट। कटंगी वन परिक्षेत्र के आंजनबिहरी गांव के जंगल में गुरुवार शाम घोड़देव बाबा मंदिर के पास (कक्ष नंबर 562) ग्रामीणों को एक मादा बाघ का शव मिला। तेज बदबू की सूचना पर जंगल की ओर गए ग्रामीणों ने दूर से बाघिन को सोई हुई देखा। हलचल न होने पर पास जाकर जांच की तो वह मृत पाई गई। तुरंत कटंगी वन विभाग को सूचना दी गई।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई (Balaghat News)
सूचना मिलते ही वन अमला वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचा। पूरे क्षेत्र को सील कर साक्ष्य संरक्षित किया गया। रात भर सुरक्षा के लिए दल तैनात रहा। कान्हा टाइगर रिजर्व और बालाघाट से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में बाघिन के पंजे, नाखून और शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।
मौत का कारण अज्ञात (Balaghat News)
SDO बीआर सिरसाम ने बताया, “शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम होगा। रिपोर्ट के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा।” देर शाम होने से गुरुवार को पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका।
4.5 महीने में दूसरी बाघिन की मौत (Balaghat News)
दक्षिण वन मंडल में यह दूसरी घटना है। 27 जुलाई को सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व (बीट बहियाटिकुर) के बरसाती नाले में एक बाघिन का शव बहकर आया था। डिप्टी रेंजर और वनरक्षक ने बिना प्रोटोकॉल के शव को जंगल में रखा और लकड़ी मिलते ही जला दिया। इस लापरवाही पर दोनों बर्खास्त हो गए। STF ने तीन महीने बाद उन्हें गिरफ्तार किया। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। क्षेत्र में बाघों का मूवमेंट बढ़ा है। जांच जारी है।