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Coldrif Syrup Scandal : SIT ने सप्लायर को दबोचा, 8 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस निलंबित

MP Cough Syrup Scandal

Coldrif Syrup Scandal : छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल जिलों में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 मासूम बच्चों की किडनी फेलियर के कारण हुई मौतों के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने एक और बड़ा खुलासा किया है। सिरप में मिले जानलेवा डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) केमिकल के सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह 11वीं गिरफ्तारी है। आरोपी को परासिया कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां से उसके आपूर्ति चेन के राज खुलने की उम्मीद है।

SIT प्रमुख जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि तमिलनाडु की श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के बनाए कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6% तक डायथिलीन ग्लाइकॉल की मिलावट पाई गई थी, जो बच्चों की किडनी को फौरन नष्ट कर देता है। यह केमिकल सस्ता औद्योगिक सॉल्वेंट है, जो गलत तरीके से दवा निर्माण में इस्तेमाल किया गया। सप्लायर की गिरफ्तारी से उत्पादन से लेकर वितरण तक का नेटवर्क उजागर हो सकता है। अब तक कंपनी मालिक जी रंगनाथन, डॉक्टर प्रवीण सोनी, केमिस्ट के. महेश्वरी, थोक विक्रेता राजेश सोनी, फार्मासिस्ट सौरभ जैन, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित 10 लोग हिरासत में हैं।

नियम तोड़ने पर 8 लाइसेंस निलंबित (Coldrif Syrup Scandal)

बच्चों की मौतों के बाद जिला औषधि एवं खाद्य विभाग ने मेडिकल स्टोर्स पर सघन जांच अभियान चलाया। परासिया की सात और छिंदवाड़ा की एक दुकान पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन दुकानदारों ने संतोषजनक जवाब न देने पर लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। विभाग का कहना है कि ये दुकानें बिना प्रिस्क्रिप्शन सिरप बेच रही थीं और स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी थी। निलंबन की अवधि इस प्रकार है:

– दिनेश मेडिकल स्टोर, परासिया: 7 दिन
– गुप्ता मेडिकल स्टोर, छिंदवाड़ा: 15 दिन
– हरसोरिया मेडिकल स्टोर, परासिया: 12 दिन
– कैलाश मेडिकल स्टोर, परासिया: 7 दिन
– न्यू सिटी मेडिकल स्टोर, परासिया: 10 दिन
– निलेश मेडिकल स्टोर, परासिया: 7 दिन
– राय मेडिकल स्टोर, परासिया: 12 दिन
– सुमित मेडिकल स्टोर, परासिया: 7 दिन

विभाग ने चेतावनी दी है कि आगे भी ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।

24 मौतें, WHO की चेतावनी (Coldrif Syrup Scandal)

अक्टूबर 2025 की शुरुआत में छिंदवाड़ा में सर्दी-खांसी के इलाज के नाम पर बच्चों को दिया गया कोल्ड्रिफ सिरप मौत का सबब बन गया। ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चे प्रभावित हुए, जिनमें आदिवासी समुदाय के अधिक थे। जांच में सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल की घातक मात्रा पाई गई, जो किडनी को तुरंत नष्ट कर देती है। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल ने कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोल्ड्रिफ सहित तीन भारतीय सिरप (रेस्पिफ्रेश टीआर, रीलिफ) पर वैश्विक अलर्ट जारी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों को सहायता राशि देने और इलाज का खर्च वहन करने का ऐलान किया। SIT अब उत्पादन इकाई, सप्लाई चेन और डॉक्टरों की सांठगांठ की परतें उघाड़ रही है। यह घटना भारत में दवा नियंत्रण की कमजोरियों को उजागर करती है, जहां 2022-24 में ही 300 से ज्यादा मौतें सिरप मिलावट से जुड़ी थीं। पुलिस ने कंपनी के खिलाफ IPC की धारा 304 (कल्पना से हत्या) सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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