विधायक ने सदन में कहा कि परकोटा इलाके में कुछ मस्जिदों पर बड़े और अधिक संख्या में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनकी आवाज निर्धारित ध्वनि मानकों से कहीं अधिक है। इससे आसपास रहने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नींद और पढ़ाई हो रही प्रभावित
बालमुकुंद आचार्य ने बताया कि तेज आवाज के कारण स्थानीय लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों की पढ़ाई में भी व्यवधान आ रहा है। उन्होंने इसे आम नागरिकों के स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
विधायक ने यह भी कहा कि कई बार स्थानीय लोग मस्जिद प्रबंधन से लाउडस्पीकर की आवाज कम करने का अनुरोध करते हैं, लेकिन अक्सर इस पर विवाद की स्थिति बन जाती है। इस संबंध में प्रशासन को पहले भी कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
रमजान के दौरान अतिरिक्त लाउडस्पीकरों पर चिंता
विधायक ने विशेष रूप से रमजान माह के दौरान लगाए जाने वाले अतिरिक्त लाउडस्पीकरों पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि लाउडस्पीकरों के उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए, जिसमें तय समय और कानूनी ध्वनि सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो प्रशासन को कानून के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसे लाउडस्पीकरों को हटाना चाहिए।
‘यह धर्म नहीं, आमजन की शांति का मुद्दा’
बालमुकुंद आचार्य ने सदन में स्पष्ट किया कि यह मामला किसी धर्म विशेष के विरोध से जुड़ा नहीं है, बल्कि आम जनता की शांति, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से संबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आमजन में असंतोष बढ़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अन्य विधायकों ने भी जताई चिंता
इस मुद्दे पर सदन में मौजूद अन्य विधायकों ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि जयपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई शहरी इलाकों में लाउडस्पीकरों की तेज आवाज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। विधायकों ने सरकार से मांग की कि मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और आम लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए।
गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की आवाज को लेकर पहले भी कई बार विवाद और मांगें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। विधायक बालमुकुंद आचार्य ने एक बार फिर प्रशासन से अपील की है कि कानून के दायरे में रहकर लाउडस्पीकरों की आवाज नियंत्रित की जाए, ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के सामान्य जीवन जी सकें।