घटना की शुरुआत 2 फरवरी को हुई जब मोनिका ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने शुरुआती मर्ग कायम कर जब मामले की परतें खोलना शुरू कीं तो प्रताड़ना की एक दर्दनाक कहानी सामने आई। एसीपी की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विवाह के महज कुछ महीनों के भीतर ही मोनिका को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घरेलू विवाद और ससुराल पक्ष के कठोर व्यवहार ने मोनिका को इस कदर तोड़ दिया था कि उसने अपनी उम्र के 20वें साल में ही दुनिया को अलविदा कहना बेहतर समझा।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच सिलाई के कपड़े लाने को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। मोनिका सिलाई का काम करके घर में सहयोग करती थी जबकि उसका पति रितेश रेपिडो बाइक चालक है। हालांकि पति ने पुलिस को दिए बयान में खुद को बेगुनाह बताते हुए घटना के समय घर पर न होने का दावा किया था लेकिन परिजनों के आरोपों ने सच्चाई की दिशा बदल दी।
मृतका के पिता हीरालाल चौहान ने पुलिस को बताया कि करीब दस महीने पहले मोनिका अचानक लापता हुई थी जिसकी शिकायत खजराना थाने में की गई थी। बाद में पता चला कि उसने रितेश से प्रेम विवाह कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। मोनिका की बड़ी बहन ने भी उसके मानसिक तनाव में होने की पुष्टि की थी। परिजनों ने समाज के लोगों के साथ मिलकर पहले भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी। वर्तमान में विजयनगर पुलिस ने सभी साक्ष्यों को आधार बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।