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कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश


भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे अन्नदाता किसानों के कल्याण की चिंता करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। वर्ष 2026 को सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है और इसका प्रभावी क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का जीवन संवारना और उनकी बेहतरी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ का शुभारंभ स्थानीय सांसद और विधायक के साथ किया जाए। किसानों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिक से अधिक मूंगफली और उड़द की फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, जलवायु एवं ऊर्जा के अनुकूल कृषि अपनाने और संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए ई-गवर्नेंस पोर्टल का लाभ उठाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वित प्रयास किए जाएं। इस वर्ष किसानों के कल्याण में उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने, खेत का भूसा गौशालाओं तक पहुंचाने और फसल अवशेष से बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में इस पर निगरानी रखें।

मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करने और पशुपालकों को नस्ल सुधार पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया। मत्स्य पालन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं और नगरीय क्षेत्रों में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं।कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया कि कृषक कल्याण वर्ष की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कृषि उपज मंडियों का निरीक्षण और विपणन पर ध्यान देकर मूल्य संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। दुग्धोत्पादन बढ़ाने के लिए नवाचारी तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कार्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन, छोटे-बड़े कार्यक्रमों, हितग्राहियों के सत्यापन और सहयोग, नई योजनाओं की शुरुआत और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, CSR और केंद्र सरकार की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ दिलाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने फरवरी में डिण्डोरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, गुलाब महोत्सव राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी और मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

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