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गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड मामला संसद में गूंजा, कांग्रेस ने की सोशल मीडिया को लेकर ठोस नीति बनाने की मांग


नई दिल्ली। कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्यसभा में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई और केंद्र सरकार से इसके लिए ठोस और पारदर्शी नीति बनाने का आग्रह किया। सांसदों ने ऑनलाइन झूठ, अफवाह और धमकियों के फैलाव पर सवाल उठाए और इस पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने गाजियाबाद में हाल ही में तीन युवतियों की मौत का हवाला देते हुए कहा कि सोशल मीडिया आज सबसे प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोई भी बिना रोक-टोक सामग्री साझा कर सकता है, जिससे किसी की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।

राजीव शुक्ला ने कहा, “एक बार पोस्ट वायरल हो जाए, तो झूठी जानकारी हटाना लगभग असंभव हो जाता है। न प्लेटफॉर्म जिम्मेदारी लेता है और न लेखक सामने आता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि गाजियाबाद की तीन लड़कियों की मानसिक स्थिति पर सोशल मीडिया की अफवाहों और कंटेंट का नकारात्मक असर पड़ा।

सोशल मीडिया पर जवाबदेही की आवश्यकता:
सांसद ने कहा कि जहां हथियार और जहर नियंत्रित करने वाले कड़े कानून हैं, वहीं सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों के लिए कोई स्पष्ट जवाबदेही नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि एक पारदर्शी सोशल मीडिया पॉलिसी बनाई जाए, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करे और गलत जानकारी फैलाने वालों को जिम्मेदार ठहराए।

गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड:
इस हफ्ते गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि वे कोरियन गेम्स और डिजिटल कंटेंट की आदत में थीं। इस घटना ने बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी।

सरकार के मौजूदा नियम:
हाल के वर्षों में सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट नियंत्रित करने के लिए कई नियम बनाए हैं, जैसे सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021। ये प्लेटफॉर्म्स के लिए शिकायत निवारण, ट्रेसबिलिटी अनुरोध, लोकल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और समय सीमा में कंटेंट हटाने जैसी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हैं।

फिर भी, पूरे ऑनलाइन स्पेस को रेगुलेट करने वाली व्यापक सोशल मीडिया पॉलिसी नहीं है। कांग्रेस ने इसे आवश्यक बताते हुए कहा कि झूठ, अफवाह और ऑनलाइन धमकियों के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत ठोस नीति बनाना जरूरी है।

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