नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में हो रही चर्चा के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने जब पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे का जिक्र करते हुए डोकलाम में चीनी सेना के टैंक की उपस्थिति का उल्लेख किया तो सदन में हंगामा मच गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके बयान पर आपत्ति जताई। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल के बयान पर आपत्ति जताई। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के निमय संख्या 349 का जिक्र किया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष इसका उल्लेख नहीं कर सकते हैं।
सदन में इस पर हंगामा चलता रहा। स्पीकर ने कई बार राहुल गांधी को नियम 349 का हवाला देते हुए जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला नहीं देने की हिदायत दी लेकिन राहुल गांधी बार-बार वैसा ही करते रहे।इस दौरान बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि तो फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए जिस पर यहां चर्चा हो रही है।
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आखिर कौन सा नियम हमें चीन पर चर्चा से रोक रहा?
राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर कौन सा नियम हमें भारत और चीन के संबंधों पर बात करने से रोकता है। इस पर स्पीकर ने कहा कि आप ऐसी पुस्तक का जिक्र कर रहे हैं जो रक्षा मंत्री के अनुसार प्रकाशित ही नहीं हुई है। इसके अलावा आप जिस मुद्दे की बात कर रहे हैं उसका यहां चल रहे विषय से कोई संबंध ही नहीं है। राहुल गांधी फिर भी अड़े रहे और स्पीकर से कहा कि आप यह कहना चाहते हैं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण का विदेश नीति से कोई लेना-देना ही नहीं है। स्पीकर ने इस पर जवाब दिया कि आप विषय पर बात करें। आपको इस संबंध में कई बार नियम से अवगत कराया जा चुका है।
अखिलेश ने दिया राहुल का साथ
राहुल गांधी ने इसके बाद एक मैग्जिन में छपे आर्टिकल का उल्लेख करते हुए फिर से जनरल नरवणे की बात उठाई। इस पर भी ट्रेजरी बेंच ने हंगामा करना शुरू कर दिया। रक्षा मंत्री ने इस पर भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा करने की इजाजत नेता प्रतिपक्ष को नहीं दी जानी चाहिए। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में उठ खड़े हुए।
राहुल गांधी ने इसके बाद एक मैग्जिन में छपे आर्टिकल का उल्लेख करते हुए फिर से जनरल नरवणे की बात उठाई। इस पर भी ट्रेजरी बेंच ने हंगामा करना शुरू कर दिया। रक्षा मंत्री ने इस पर भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा करने की इजाजत नेता प्रतिपक्ष को नहीं दी जानी चाहिए। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में उठ खड़े हुए।
उन्होंने चीन के सवाल को सेंसिटिव बताते हुए कहा कि अगर कोई सुझाव देशहित में है तो विपक्ष के नेता को पढ़ने देना चाहिए। अखिलेश ने डॉक्टर लोहिया से लेकर मुलायम सिंह यादव तक का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें चीन से सावधान रहना है। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि हम सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन आसन द्वारा व्यवस्था दिए जाने के बाद भी ये फिर से वही चीज पढ़ रहे हैं ऐसे सदन कैसे चलेगा। इसके बाद भी सदन में बहुत देर तक गतिरोध बना रहा। यह देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी।