Jabalpur News : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में अनियमित आवासीय विकास को झटका लगाते हुए स्थानीय प्रशासन ने तीन प्रमुख कॉलोनाइजरों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) या रेरा (रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) की मंजूरी के इन लोगों ने बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग कराई और बिक्री की, जिससे सैकड़ों खरीदारों का भविष्य खतरे में पड़ गया। जिला अधिकारियों ने शो कॉज नोटिस जारी करने के बावजूद इनसे असंतोषजनक और अपूर्ण जवाब मिलने पर मामला दर्ज कराने का फैसला लिया।
यहां बेचे गए बिना अनुमति के प्लाट (Jabalpur News) :
इस कार्रवाई से सबसे पहले बिल्हरी के निवासी अक्षय वैष का नाम सामने आया, जिन्होंने बरेला और खमरिया इलाकों में बिना किसी वैध अनुमति के 28 प्लॉट तैयार कर बेच डाले। इसी तरह, विजयनगर के प्रांजल गुप्ता ने मुकनवाड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों की स्वीकृति के अभाव में 73 भूखंडों का सौदा पूरा कर लिया। तीसरा मामला गोहलपुर अमखेरा के वृंदावन कुशवाहा से जुड़ा है, जिन्होंने ग्राम पिपरिया, बनियाखेड़ा तथा महाराजपुर में अनधिकृत कॉलोनी विकसित कर 51 प्लॉटों की रजिस्ट्री करा दी। इन सभी गतिविधियों से अवैध निर्माण और पर्यावरणीय क्षति का खतरा बढ़ गया था।
जल्द ही आरोपी गिरफ्त में आ सकते हैं (Jabalpur News)
प्रशासन ने इन तीनों के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई है, ताकि प्रत्येक मामले की स्वतंत्र जांच हो सके। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में राजस्व और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने सर्वेक्षण कर सबूत जुटाए, जिसके आधार पर मजिस्ट्रेट कोर्ट से FIR के आदेश प्राप्त हुए। यह कदम न केवल भूमाफियाओं को चेतावनी देता है, बल्कि आम नागरिकों को भी ऐसी धोखाधड़ी से बचाने का प्रयास है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और जल्द ही आरोपी गिरफ्त में आ सकते हैं। इससे पहले भी जबलपुर में इसी तरह के कई मामलों पर कार्रवाई हो चुकी है, जो अवैध रियल एस्टेट को रोकने की दिशा में सकारात्मक संकेत है।