– ग्वारी घाट स्थित मंदिर में विराजे हैं श्री गणेश
– मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु चढ़ाते हैं चांदी
Jabalpur News : जबलपुर. देश भर में 10 दिवसीय गणेश उत्सव की धूम मची है. जबलपुर में भी गणेश जी के एक से बढक़र एक प्राचीन मंदिर है तो शहर में भी हजारों स्थानों पर गणेश जी की प्रतिमा विराजित की गई है. ऐसे ही जबलपुर के ग्वारी घाट स्थित सिद्ध गणेश धाम मंदिर में भी धार्मिक आयोजन जारी है. यहां चांदी के श्री गणेश विराजित हैं, जो हर साल बड़े होते जा रहे हैं. 15 साल पहले 5 किलो के श्री गणेश अब 41 किलो चांदी के हो गए हैं.
मंदिर के पुजारी पंडित प्रमोद तिवारी के अनुसार यह मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक है. यहां श्रद्धालु आते हैं अपनी मनोकामना मांगते हैं और जब मनोकामना पूर्ण हो जाती है तो भगवान के श्री चरणों में चांदी अर्पित करके जाते हैं. भेंट की गई चांदी से प्रतिवर्ष गणेश प्रतिमा को नए सिरे से बनवाया जाता है. प्रतिमा का निर्माण महाराष्ट्र के कोल्हापुरा में कराया जाता है. 15 साल पहले यह प्रतिमा महज 5 किलो की थी, लेेकिन अब 41 किलो की हो गई है.
छिपा है पर्यावरण प्रेम
मंदिर में विराजित चांदी की प्रतिमा की स्थापना के पीछे पर्यावरण प्रेम भी छिपा है. दरअसल, आयोजन समिति का मानना है कि प्रतिवर्ष मिट्टी से बनी प्रतिमा विराजित करें फिर उन्हें नदी में विसर्जित करें, जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो, इसी उद्देश्य को लेकर यहां चांदी के श्री गणेश विराजित किए जाते हैं.
मनोकामना का रिकार्ड मेंटेन
इस मंदिर में साल भर ही श्रद्धालुओं के आने जाने का सिलसिला जारी रहता है. यहां श्रद्धालु भगवान श्री गणेश के समक्ष अपनी मनोकामना रखते हैं और जब भगवान उनकी अर्जी सुन लेते हैं तो वही भक्त यहां चांदी अर्पित करके जाते हैं. इसी चांदी से पुन: गणेश जी की प्रतिमा का निर्माण कराया जाता है. खास बात यह है कि यहां मनोकामना मांगने वाले भक्तों का रिकार्ड भी मेंटने किया जाता है.