मंत्री वर्मा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान आम लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे वाली जगह पर पिछले कई महीनों से सीवर लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान करीब 6 मीटर लंबा, 4 मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग जरूर की गई थी, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। खुदाई क्षेत्र के आसपास दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी रहने से आम लोगों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ था।
मंत्री के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि इस तरह की लापरवाही पहले भी देखी जा चुकी है। जनवरी में नोएडा में हुए एक समान हादसे के बाद संबंधित विभागों को सतर्क किया गया था। 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने अधिकारियों और ठेके पर काम कर रही एजेंसियों को सुरक्षा नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जनकपुरी की घटना ने इन आदेशों की अनदेखी को उजागर कर दिया।
तीन इंजीनियर निलंबित, एजेंसी पर भी शिकंजा
सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर अपराध मानते हुए मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण कार्य कर रही एजेंसी की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इधर, दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड ने एक विशेष उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार जरूरी हैं।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री वर्मा
मंत्री वर्मा ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। साथ ही, राजधानी में चल रहे सभी सीवर, सड़क निर्माण और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।