Lokayukta Action : मध्यप्रदेश के सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के पास भारी संपत्ति पाई गई। लोकायुक्त की तलाशी में उनके पास 4 किलो सोना, 7 किलो चांदी, 2 करोड़ रुपये नकद और करोड़ों की अचल संपत्ति बरामद हुई। गुरुवार को बैंक लॉकर खोले जाएंगे, जहां से और कीमती चीजें मिलने की संभावना है। जांच में विभाग के कागजात भी मिले, जिनकी पड़ताल हो रही है।
भदौरिया की अधिकांश पोस्टिंग धार, झाबुआ व आलीराजपुर जैसे आदिवासी जिलों में रही। ये इलाके आर्थिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन गुजरात सीमा के पास होने से अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है। आबकारी अधिकारी यहां तैनाती के लिए तरसते हैं। भदौरिया बड़े अफसरों से जुड़े होने के चलते हमेशा इन्हीं क्षेत्रों में रहे। 2020 में शराब ठेकों में देरी के लिए उन्हें निलंबित भी किया गया था।
सीमा पर जंगल और चोर रास्ते :
गुजरात में शराब पर पाबंदी है, लेकिन मध्य प्रदेश की सीमा नजदीक होने से अवैध शराब की सप्लाई जोरों पर है। यहां जंगलों के कारण कई गुप्त रास्ते हैं। शराब माफिया इनका फायदा उठाकर गुजरात भेजते हैं। वे आबकारी अफसरों को रिश्वत भी देते हैं। भदौरिया भी सिंडिकेट से जुड़ा था, जिससे उसकी कमाई बढ़ी। नौकरी में कुल वेतन 2 करोड़ था, लेकिन 18 करोड़ की चल-अचल संपत्ति मिली। बेटे व बेटी के नाम पर भी प्रॉपर्टी खरीदी है।
सुरक्षा के लिए रखे चार गनमैन :
नौकरी के दौरान वह शराब कारोबारियों का अनौपचारिक पार्टनर बन गया। इससे ठेकेदारों व अफसरों से दुश्मनी भी हो गई। रिटायरमेंट के बाद सुरक्षा के लिए चार गनमैन हायर किए थे।