नई दिल्ली । महाराष्ट्र सरकार ने डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को पुणे और बीड जिले का गार्जियन मिनिस्टर यानी पालक मंत्री नियुक्त किया है. पहले अजित पवार ये जिम्मेदारी संभाल रहे थे. पालक मंत्री की नियुक्ति का सरकारी आदेश भी जारी हो गया है. महाराष्ट्र सरकार में अजित पवार के पास वित्त मंत्रालय भी था. लेकिन सुनेत्रा पवार को शपथ के बाद ये विभाग नहीं मिला. उन्हें एक्साइज, स्पोर्ट्स एंड यूथ वेलफेयर, अल्पसंख्यक विभाग और वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई थी. इन सब के साथ उनके पास अब दो जिलों के पालक मंत्री की भी जिम्मेदारी संभालनी होगी.
अजित पवार से पहले धनंजय मुंडे थे बीड के पालक मंत्री
दिवंगत अजित पवार से पहले बीड के पालक मंत्री की जिम्मेदारी धनंजय मुंडे संभाल रहे थे. लेकिन सरपंच संतोष देशमुख मर्डर केस में उनके करीबी का नाम सामने आने के बाद मुंडे ने महाराष्ट्र के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और जिम्मेदारी अजित पवार के पास चली आई.
पालक मंत्री का पद क्या है?
महाराष्ट्र सरकार पालक मंत्री या प्रभारी मंत्री की नियुक्ति करती है. पालक मंत्री कैबिनेट स्तर का मंत्री ही होता है जिसका काम एक जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्यवन और प्रशासनिक समन्वय को देखना होता है. महाराष्ट्र में जिन नेताओं को पालक मंत्री नियुक्त किया जाता है, उनका सियासी कद बड़ा माना जाता है. हर बड़े नेता की कोशिश होती है कि वो अपने इलाके का पालक मंत्री रहे ताकि जनता से संपर्क और बेहतर हो सके. अजित पवार लंबे समय से पुणे के पालक मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
सीएम फडणवीस भी हैं पालक मंत्री
महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में पालक मंत्री नियुक्त किए गए हैं. महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस गढ़चिरौली के पालक मंत्री हैं. वहीं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ठाणे और मुंबई शहर के पालक मंत्री हैं. महाराष्ट्र बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले नागपुर के पालक मंत्री हैं.