MP Assembly : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का नगर पालिका (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 पारित हो गया। इस विधेयक से नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव अब सीधे मतदाताओं द्वारा डायरेक्ट होगा। पहले अप्रत्यक्ष प्रणाली से वार्ड पार्षद चुनते थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि राइट टू रिकॉल की अवधि को ढाई से बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है, यानी जनता अब 3 साल बाद ही जनप्रतिनिधि को हटा सकेगी।
मंत्री विजयवर्गीय का तंज (MP Assembly)
विपक्ष के विरोध पर मंत्री ने कहा, “यह विधेयक राजीव गांधी के सपनों को पूरा करने वाला है, जो दिग्विजय सिंह सरकार ने लागू किया था। अब इसमें जरूरी संशोधन हो रहा है।” उन्होंने जोर दिया कि डायरेक्ट चुनाव से लोकतंत्र मजबूत होगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की दलील (MP Assembly)
कांग्रेस ने विधेयक का विरोध नहीं किया, लेकिन सुधार की मांग की। सिंघार ने कहा, “डेमोक्रेसी की मजबूती के लिए राइट टू रिकॉल 5 साल की बजाय 3 साल का होना चाहिए।” बहस के बाद विधेयक बहुमत से पारित हो गया। यह संशोधन 1999-2014 की पुरानी डायरेक्ट प्रणाली को बहाल करता है। 2022 में अप्रत्यक्ष चुनाव हुए थे। अब महापौरों की तरह पालिका अध्यक्ष भी सीधे चुने जाएंगे। सत्र में 10 हजार करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश होगा।