MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक दिल दहला देने वाली घटना का हवाला देकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। विदिशा जिले में कचरे के ढेर से बचा हुआ खाना बीनती एक मासूम लड़की की तस्वीर ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया, जिसके बाद उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाली का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नीतियों पर सवाल ठोक दिए। पटवारी ने कहा कि यह न सिर्फ कुपोषण और गरीबी की मार को उजागर करता है, बल्कि सरकारी तंत्र की उदासीनता को भी नंगा करता है।
घटना का दर्दनाक चेहरा: सड़क किनारे कचरा बीनती मासूम (MP News)
जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर सड़क के किनारे एक गरीब परिवार की छोटी बच्ची को कूड़े के ढेर में बिखरे पुराने भोजन को चुनते देखा गया। यह दृश्य वायरल वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसने हजारों लोगों को झकझोर दिया। ग्रामीण इलाके में रहने वाले इस परिवार की यह त्रासदी न केवल आर्थिक विपन्नता की कहानी कहती है, बल्कि ‘सुखी समाज’ और ‘पोषण अभियान’ जैसे सरकारी दावों की हकीकत पर भी उंगली उठाती है। विपक्षी नेता पटवारी ने इसे ‘व्यवस्था की संवेदनशून्यता’ का सबूत बताया।
मिड-डे मील की तस्वीर से जोड़ा गुनाह (MP News)
पटवारी ने हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पेश की गई मिड-डे मील योजना की उस विवादास्पद तस्वीर का हवाला दिया, जिसमें बच्चों को कागज पर भोजन परोसा जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह महज संयोग नहीं, बल्कि राज्य की लापरवाही का नमूना है। पटवारी ने जोर देकर कहा, “मध्य प्रदेश कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, और महिलाओं पर हिंसा के मामलों में देश में अव्वल है। मुख्यमंत्री राजनीतिक सभाओं में व्यस्त हैं, जबकि जनता की वास्तविक पीड़ा अनदेखी हो रही है। ये आंकड़े नहीं, प्रदेश की रूह पर गहरे घाव हैं।”
‘बीमारू राज्य’ की वापसी: कांग्रेस का तंज (MP News)
कांग्रेस नेता ने मोहन सरकार को घेरते हुए कहा कि उनकी नीतियों के चलते मध्य प्रदेश फिर से ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में धकेल दिया गया है। पटवारी ने अपील की कि सरकार को तुरंत इस बच्ची के परिवार को सहायता पहुंचानी चाहिए और कुपोषण उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जहां लोगों ने #MPKaBimaaru और #SaveMalnutrition जैसे हैशटैग के साथ अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।