MP News : धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के विवादित भोजशाला परिसर में मंगलवार सुबह एक बार फिर हंगामा हो गया। हिंदू संगठनों के सदस्य दर्शन-पूजन और हनुमान चालीसा पाठ के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने उनके साथ ले जाए गए मां वाग्देवी के नए तेल चित्र को जब्त कर लिया। संगठनों ने इसे धार्मिक हस्तक्षेप बताया और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
भोजशाला क्षेत्र में बिना अनुमति रंग-रोगन किया (MP News)
भोज उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि वसंत पंचमी के लिए पुराने चित्र को सुधारने के उद्देश्य से वे नया चित्र लेकर पूजन करने आए थे। लेकिन ASI अधिकारियों ने चित्र जब्त कर लिया और पूजन की अनुमति नहीं दी। समिति का आरोप है कि उर्स की तैयारियों के नाम पर भोजशाला क्षेत्र में बिना अनुमति रंग-रोगन किया जा रहा है, जबकि हिंदू पक्ष को लगातार रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर चित्र वापस नहीं किया गया और अनधिकृत काम नहीं रोका गया, तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।”
ASI ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था (MP News)
भोजशाला-कमल मऊला मस्जिद विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। हिंदू संगठन इसे मां सरस्वती का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे मस्जिद कहता है। ASI ने 2003 के समझौते के तहत मंगलवार को हिंदू पूजन और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज की व्यवस्था की है। मार्च 2024 में हाईकोर्ट के आदेश पर ASI ने वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था, जिसमें पुराने मंदिरों के अवशेष मिले थे। लेकिन 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी के करीब स्थिति और संवेदनशील हो चुकी है।
ASI अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चित्र जब्त इसलिए किया गया क्योंकि कोई पूर्व अनुमति नहीं थी। उर्स की तैयारियों पर भी कहा गया कि यह विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस ने भारी बल तैनात कर स्थिति नियंत्रित रखी है। हिंदू संगठनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और कहा है कि अगर मांगें पूरी न हुईं तो पूर्ण बंद का ऐलान करेंगे।
हिंदू पक्ष का कहना है कि ASI का रवैया पक्षपाती है, जबकि मुस्लिम समुदाय ने शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा है, लेकिन तनाव बना हुआ है।