मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (Kranti Gaur) के चयन और टीम की शानदार जीत के बाद उनके पैतृक गांव घुवारा में दिवाली जैसा माहौल है। अपनी बेटी को भारतीय टीम का हिस्सा बनते देख और टीम की कामयाबी से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
हर चौके-छक्के पर गूंजे नारे और आतिशबाजी
मैच के दौरान जैसे ही टीवी स्क्रीन पर कोई रोमांचक पल आता था, लोग हर चौके और छक्के पर पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार कर रहे थे। ग्रामवासी और नगरवासी बड़ी संख्या में क्रांति गौड़ के घर के बाहर इकट्ठा होकर मैच का आनंद ले रहे थे। लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘क्रांति गौड़ जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस जश्न के माहौल में महिलाएं ढोलक की थाप पर पारंपरिक गीत गा रही थीं, वहीं बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
गर्व से भावुक हुए परिजन
भारत की जीत के बाद क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता और परिवारजन गर्व से भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि क्रांति में बचपन से ही क्रिकेट के प्रति गहरा जुनून था। उन्होंने कहा, “जब वह भारतीय टीम का हिस्सा बनी है, तो यह हमारे परिवार के साथ-साथ पूरे छतरपुर जिले के लिए गर्व का दिन है।”
क्रांति गौड़ की बहन रोशनी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “हमें बहुत खुशी है कि भारत ने पहली बार विश्व कप जीता है। मेरी बहन क्रांति भी टीम का हिस्सा थी और उसने पहली बार विश्व कप खेला। जब वह घर लौटेगी तो हम उसका भव्य स्वागत करेंगे। भारतीय टीम के लिए खेलना उसका सपना था।”
क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा बनी क्रांति
गांव की महिलाओं और स्थानीय लोगों ने कहा कि क्रांति ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। स्थानीय युवाओं ने कहा कि क्रांति अब उनकी प्रेरणा बन गई हैं और वे भी खेल को एक करियर के रूप में अपनाने का सपना देख रहे हैं। इस कामयाबी की खबर फैलते ही छतरपुर और आस-पास के इलाकों में सोशल मीडिया पर बधाइयों की बौछार आ गई है, जहाँ लोग उनकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं।