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कर्नाटक के विजयपुरा में निजी जेट हादसा, खेत में गिरा विमान; दो लोग गंभीर रूप से घायल, तकनीकी खराबी की आशंका


नई दिल्ली। विजयपुरा (कर्नाटक)। कर्नाटक के विजयपुरा जिले में रविवार दोपहर एक निजी जेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रेड बर्ड कंपनी का यह प्राइवेट जेट बालेश्वर तालुका के मैंगलोर गांव के पास एक खेत में गिरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है, जबकि शुरुआती जानकारी में तकनीकी खराबी और संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है।

खेत में गिरा विमान, मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय आसमान में तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही क्षणों में विमान तेजी से नीचे आता दिखाई दिया। देखते ही देखते वह मैंगलोर गांव के पास एक खेत में जा गिरा। टक्कर के साथ तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग घबरा गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

गांव के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायल यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी जान बचने की उम्मीद बढ़ गई।

दो लोग गंभीर रूप से घायल

विमान में सवार दोनों लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

चिकित्सकों के अनुसार, दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति स्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह?

शुरुआती जांच में सामने आया है कि विमान कालबुर्गी के पास उड़ान के दौरान संतुलन खोने लगा था। पायलट ने विमान को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वह सफल नहीं हो पाया। नियंत्रण खोने के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और अंततः मैंगलोर गांव के पास खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विमान आबादी वाले इलाके में गिरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। खेत में गिरने के कारण किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है।

मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति मलबे के पास न जा सके। तकनीकी टीम को भी बुलाया गया है, जो विमान के अवशेषों की जांच कर दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाएगी।

प्रशासन ने बताया कि विमान किस रूट पर था और उसका अंतिम गंतव्य क्या था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही कंपनी से जुड़े अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है।

बाल-बाल बची बड़ी त्रासदी

जिस स्थान पर विमान गिरा, वहां आसपास खेती का काम चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर विमान कुछ मीटर इधर-उधर गिरता, तो कई लोगों की जान जा सकती थी। खेत में गिरने के कारण बड़ी जनहानि टल गई।इस हादसे ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतने करीब से किसी विमान दुर्घटना को देखा।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस घटना के बाद निजी विमानों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या किसी अन्य कारण से हुई।

फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और हादसे की विस्तृत जांच पर है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय प्रशासन और विमानन से जुड़े विभाग अब हर पहलू की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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