विवाद की जड़: मंच पर चढ़ने की होड़ और अभद्रता जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत बेहद मामूली बात से हुई थी। कथा के दौरान कुछ लोग बार-बार मंच पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। अव्यवस्था को देखते हुए जब महाराज की टीम के सदस्यों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बहस बढ़ गई। आरोप है कि इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने न केवल बदतमीजी की, बल्कि राजन जी महाराज के सहयोगियों और उनके परिवार तक को जान से मारने की धमकी दे डाली।
16 साल के सफर में पहली बार मिली ऐसी चुनौती मंच से अपनी व्यथा सुनाते हुए राजन जी महाराज भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि अपने 16 वर्षों के कथावाचन के सफर में उन्होंने आज तक ऐसी मर्यादाहीन स्थिति का सामना नहीं किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया कि उनके एक सहयोगी को गोली मारने की धमकी दी गई है। महाराज ने कड़े शब्दों में कहा, “हम यहाँ प्रेम और श्रद्धा की गंगा बहाने आए हैं, लेकिन अगर कोई हमारे सहयोगियों को डराने की कोशिश करेगा, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। गोली मारकर दिखाओ, किसने मां का दूध पिया है!
आयोजकों की समझाइश के बाद शुरू हुई कथा धमकी और अव्यवस्था से आहत होकर राजन जी महाराज ने शुरुआत में कथा आगे बढ़ाने से मना कर दिया था। कार्यक्रम में तनावपूर्ण स्थिति देख आयोजकों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। काफी मान मनौव्वल और सुरक्षा के पुख्ता आश्वासन के बाद महाराज दोबारा व्यासपीठ पर बैठे। उन्होंने श्रोताओं से मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे केवल भक्ति का संदेश देने आए हैं, किसी विवाद का हिस्सा बनने नहीं।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और मंच के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर लोग राजन जी महाराज के इस साहसी स्टैंड की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ लोग धार्मिक आयोजनों में ऐसी अव्यवस्था पर चिंता जता रहे हैं।