मिली जानकारी के अनुसार, मयूर विहार इलाके में पहले से मयूर विहार पॉकेट-1 और मयूर विहार फेज-1 नाम से दो मेट्रो स्टेशन मौजूद थे। दोनों स्टेशनों के नाम काफी हद तक एक जैसे होने के कारण यात्रियों को बार-बार असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता था। कई यात्री गलती से दूसरे स्टेशन पर उतर जाते थे, जिससे उनका समय खराब होता था और परेशानी भी बढ़ जाती थी। बुजुर्ग यात्रियों, नए लोगों और बाहरी राज्यों से आने वालों को यह दिक्कत ज्यादा होती थी।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का आग्रह किया था। नेताओं का तर्क था कि अलग नाम होने से स्टेशन की पहचान स्पष्ट होगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन के नाम में बदलाव की अनुशंसा स्ट्रीट नेम्स अथॉरिटी (SNA) की ओर से की गई है। यह अथॉरिटी दिल्ली सरकार के तहत कार्यरत 29 सदस्यीय संस्था है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं। इसका मुख्य कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के नाम तय करना या उनमें बदलाव करना है। हालांकि, नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) इसके अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि मेट्रो स्टेशन के पास स्थित श्रीराम मंदिर इस इलाके की एक प्रमुख पहचान है। इसी कारण नए नाम में स्थानीय धार्मिक और सामाजिक पहचान को जोड़ा गया है। इससे क्षेत्र को अलग पहचान मिलेगी और यात्रियों को दिशा समझने में भी सहूलियत होगी।

सुविधा और पहचान के लिए बदला गया नाम
दिल्ली में इससे पहले भी कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि ऐसे बदलाव का मकसद आम जनता की सुविधा बढ़ाना, स्थानीय पहचान को मजबूत करना और भ्रम की स्थिति को समाप्त करना होता है। अब मयूर विहार पॉकेट-1 मेट्रो स्टेशन ‘श्रीराम मंदिर मयूर विहार’ के नाम से जाना जाएगा। उम्मीद है कि इस फैसले से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और मेट्रो सफर पहले से ज्यादा आसान होगा।