पुलिस के अनुसार ठगी की यह वारदात M Stock नामक ऐप के माध्यम से की गई। आरोपियों ने फर्जी लिंक और एप्लिकेशन के जरिए पीड़ित को शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक रिटर्न मिलने का झांसा दिया। आरोपियों की बातों में आकर मिसरोद क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता ने अलग अलग किस्तों में कुल 9 लाख 91 हजार 900 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जब लंबे समय तक न तो कोई मुनाफा मिला और न ही रकम वापस हुई तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने 4 अगस्त 2024 को भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मंदसौर जिले में मिली। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड जब्त किए गए हैं जिनका उपयोग ठगी की वारदात में किया जा रहा था। पुलिस इन मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए अन्य पीड़ितों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और निवेश ऐप के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से निवेश के ऑफर भेजे जाते थे और भरोसा जीतने के बाद बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी।
भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक एप या निवेश स्कीम पर भरोसा न करें। शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की पूरी जांच करें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की साइबर ठगी के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।