कौन सी हैं वो 5 चमत्कारी जड़ी-बूटियां? विशेषज्ञों के अनुसार, केसर, चंदन, मंजिष्ठा, मुलेठी और हल्दी का अर्क जब सही अनुपात में मिलाया जाता है, तो यह त्वचा के लिए एक शक्तिशाली अमृत बन जाता है। केसर त्वचा की रंगत सुधारता है, तो मंजिष्ठा रक्त शोधन कर कील-मुहासों को रोकता है। वहीं मुलेठी और हल्दी झुर्रियों को कम करने और एंटी-एजिंग गुणों के लिए प्रसिद्ध हैं।
कैसे काम करता है यह सीरम? रात के समय हमारी त्वचा खुद को ‘रिपेयर’ यानी ठीक करती है। जब हम सोने से पहले इस आयुर्वेदिक सीरम का इस्तेमाल करते हैं, तो इसमें मौजूद सक्रिय तत्व त्वचा के छिद्रों में गहराई तक समा जाते हैं। यह कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा में कसाव आता है। नियमित इस्तेमाल से यह सीरम न केवल झाइयां और दाग-धब्बों को हल्का करता है, बल्कि त्वचा को प्राकृतिक रूप से चमकदार भी बनाता है। प्राकृतिक और शुद्ध होने के कारण यह हर तरह की स्किन के लिए अनुकूल है। यदि आप इसे अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाते हैं, तो कुछ ही दिनों में आपका चेहरा जवां और चमकदार नजर आने लगेगा।