कर्मचारियों को करना पड़ेगा इंतजार
प्रदेश में लगभग साढ़े सात लाख नियमित कर्मचारी और साढ़े चार लाख पेंशनर्स महंगाई भत्ता और महंगाई राहत पाते हैं। ऐसे में 12 लाख कर्मचारियों को 64% भत्ता पाने के लिए 4 से 6 महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है। यह देरी राज्य सरकार के अप्रैल वेतन में 3% बढ़ा भत्ता देने के फैसले की वजह से हुई है।
वित्त विभाग का पुराना प्लान
वित्त विभाग ने तय किया था कि 7वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को:
31 मार्च 2026 तक: 64%
31 मार्च 2027 तक: 74%
31 मार्च 2028 तक: 84%
31 मार्च 2029 तक: 94% महंगाई भत्ता मिलेगा।
हालांकि, इस योजना के मुताबिक अब तक 64% भत्ता पूरा नहीं हो पाया है।
अभी की स्थिति
रोलिंग बजट के दौरान सरकार ने कहा था कि मार्च तक 64% भत्ता मिलेगा, लेकिन वास्तव में केवल 55% से बढ़कर 58% भत्ता ही दिया गया। भुगतान अप्रैल के वेतन से किया जाएगा। कर्मचारियों की उम्मीद थी कि दिवाली 2025 और फरवरी-मार्च 2026 में इसे 64% तक बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया।
5वें और 6वें वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए योजना
6वें वेतनमान में वर्तमान महंगाई भत्ता: 252%, होली घोषणा के बाद: 255%
आगामी वर्षों में योजना
2026-27: 265%
2027-28: 280%
2028-29: 295%
5वें वेतनमान के कर्मचारियों को वर्तमान में 315% भत्ता, भविष्य में 325% → 335% → 345% के अनुसार मिलेगा।
सरकार के प्लान से 6% पीछे
मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि 64% भत्ता देने की बात कही गई थी, लेकिन हाल ही में केवल 58% भत्ता दिया गया। इस कारण सरकार के प्लान से 6% की कमी कर्मचारियों को भुगतनी पड़ेगी।
कर्मचारी अब महंगाई भत्ते के लिए केंद्र सरकार के नए ऐलान और राज्य सरकार की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। वित्त विभाग के रोलिंग बजट और भविष्य की योजना के अनुसार भत्ता धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अभी चार से छह महीने तक 12 लाख कर्मचारियों को प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।