राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इस मुकाबले में अशोक शर्मा शुरुआत से ही अलग लय में नजर आए। उनकी गेंदों में लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार देखने को मिली। बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों का सामना करना आसान नहीं था। लेकिन असली रोमांच पारी के 16वें ओवर में देखने को मिला जब उन्होंने ओवर की आखिरी गेंद 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी। यह गेंद इतनी तेज और सटीक थी कि बल्लेबाज ध्रुव जुरेल किसी तरह खुद को बचा सके।
इस प्रदर्शन के साथ ही अशोक शर्मा ने खुद को उन चुनिंदा भारतीय तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल कर लिया है जो 154 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार छू चुके हैं। इससे पहले यह उपलब्धि उमरान मलिक और मयंक यादव जैसे गेंदबाज हासिल कर चुके हैं। खास बात यह है कि उमरान मलिक के नाम अब भी आईपीएल इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड दर्ज है।
अशोक शर्मा की कहानी भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। 23 वर्षीय यह तेज गेंदबाज राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं और घरेलू क्रिकेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। करियर के शुरुआती दौर में उनकी गेंदबाजी में सटीकता की कमी थी लेकिन उन्होंने पिछले दो वर्षों में खुद पर कड़ी मेहनत की और अपनी कमजोरियों को ताकत में बदल दिया। इसका परिणाम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में देखने को मिला जहां उन्होंने 10 मैचों में 22 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
अगर उनके घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 4 फर्स्ट क्लास मैचों में 14 विकेट, 7 लिस्ट ए मुकाबलों में 13 विकेट और 12 टी20 मैचों में 24 विकेट हासिल किए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ तेज ही नहीं बल्कि असरदार गेंदबाज भी हैं।
आईपीएल में उनका सफर भी दिलचस्प रहा है। वह पहले कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के स्क्वॉड का हिस्सा रह चुके थे लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाया। आखिरकार गुजरात टाइटन्स ने उन पर भरोसा जताया और 90 लाख रुपये में टीम में शामिल किया। यह फैसला अब पूरी तरह सही साबित होता नजर आ रहा है।
अशोक शर्मा की यह तेज गेंदबाजी न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। जिस तरह से वह लगातार अपनी रफ्तार और नियंत्रण में सुधार कर रहे हैं उससे साफ है कि आने वाले समय में वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं।