200+ स्कोर बनाकर सबसे ज्यादा हारने वाली टीम बनी CSK
टी20 क्रिकेट में 200 से ज्यादा रन बनाना आमतौर पर जीत की गारंटी माना जाता है, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह आंकड़ा अब चिंता का कारण बनता जा रहा है। सीएसके ने पंजाब के खिलाफ 6 बार 200 या उससे अधिक का स्कोर खड़ा किया है, लेकिन इनमें से 5 बार उसे हार झेलनी पड़ी है। यह टी20 क्रिकेट का एक अनचाहा रिकॉर्ड है, जिसमें सीएसके अब सबसे ऊपर पहुंच गई है।
इस मामले में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम दूसरे स्थान पर है, जिसने 200+ स्कोर बनाने के बावजूद 4 बार मैच गंवाए हैं। इस तरह सीएसके ने वेस्टइंडीज को भी पीछे छोड़ दिया है।
पंजाब बना CSK का सबसे बड़ा ‘चेज मास्टर’
पंजाब किंग्स एक बार फिर साबित कर चुकी है कि बड़े लक्ष्यों का पीछा करना उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सीएसके के खिलाफ 200+ लक्ष्य को पांचवीं बार सफलतापूर्वक हासिल करना इस बात का सबूत है कि पंजाब के बल्लेबाज दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं।
इतना ही नहीं, पंजाब आईपीएल में अब तक 9 बार 200 या उससे अधिक के लक्ष्य को हासिल कर चुकी है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस मामले में कोई भी आईपीएल टीम उनके करीब नहीं है।
IPL इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा चेज भी पंजाब के नाम
पंजाब किंग्स का बड़ा लक्ष्य हासिल करने का इतिहास भी काफी शानदार रहा है। आईपीएल 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 262 रन का लक्ष्य हासिल करना आज भी लीग का सबसे बड़ा सफल रन चेज माना जाता है। इस रिकॉर्ड ने पंजाब को “चेज किंग” के रूप में अलग पहचान दिलाई है।
मैच का पूरा हाल: बल्लेबाजों का रहा दबदबा
मुकाबले की बात करें तो पंजाब ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। सीएसके की ओर से आयुष म्हात्रे ने 43 गेंदों में 73 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 6 चौके शामिल रहे। उनके अलावा शिवम दुबे (45) और सरफराज खान (32) ने भी अहम योगदान दिया, जिससे टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 209 रन बनाए।
जवाब में पंजाब की शुरुआत तेज रही। प्रियांश आर्या ने मात्र 11 गेंदों में 39 रन ठोक दिए, जबकि प्रभसिमरन सिंह ने 43 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 50 रन की जिम्मेदार पारी खेलते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। पंजाब ने 18.4 ओवर में 210 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
CSK के लिए खतरे की घंटी
लगातार हार और इस तरह के रिकॉर्ड्स ने सीएसके की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बल्लेबाजी मजबूत होने के बावजूद गेंदबाजी में कमजोरी टीम के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो प्लेऑफ की राह मुश्किल हो सकती है।