वहीं शुक्रवार देर रात इजराइल ने तेहरान मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया, जिसके बाद आग और धुएं का गुबार उठता देखा गया। इस हमले के पीछे रूस का खुफिया समर्थन भी सामने आया है, जो ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की लोकेशन की जानकारी प्रदान कर रहा है।
ईरानी युद्धपोत भारत में रुका
ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के कारण 1 मार्च से कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। इसमें सवार 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हैं। यह जहाज हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास IFR 2026 और MILAN 2026 में शामिल था।
अमेरिका-इजराइल हमलों का आंकड़ा
अमेरिका लगभग $151.8 मिलियन के हथियार देगा इजराइल को।
ईरान में अब तक 1,332 मौतें।
1,300 हमले और 14 मेडिकल सेंटर निशाना बने।
ईरान के लगभग 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह।
कई शहरों में पानी और बिजली की सप्लाई ठप।
इजराइल के अनुमान के मुताबिक अब तक ईरान ने लगभग 200 मिसाइलें दागी हैं, जबकि 1,000 मिसाइलों की संभावना थी।
सऊदी अरब और खाड़ी देशों में हालात
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर मिसाइल हमला रोका गया; दो बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरसेप्ट कर नष्ट की गईं। देश के दक्षिणी हिस्से में चार ड्रोन भी मार गिराए गए।
पाकिस्तान पर असर
ईरान-इजराइल जंग का असर पाकिस्तान पर भी दिख रहा है। पाकिस्तान की दक्षिण-पश्चिम सीमा लगभग 900 किलोमीटर तक ईरान से लगी है। हाल ही में पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ औपचारिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ईरान का जवाब
ईरान ने रात भर कम से कम 5 बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल की ओर दागीं। इसके चलते लाखों इजराइली नागरिकों को बम शेल्टर में रहना पड़ा। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इजराइल पर लगातार मिसाइलें दागकर सरकार पर दबाव बढ़ाना चाहता है।