Mahakaushal Times

मध्य प्रदेश की जेलें ओवरलोड: 30,764 की क्षमता के मुकाबले 42,119 कैदी, आधे से ज्यादा अंडर ट्रायल

भोपाल। मध्य प्रदेश की जेलें हाल ही में कैदियों की बढ़ती संख्या के दबाव में हैं। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी सामने आई कि प्रदेश की 133 जेलों में कुल 30,764 कैदियों की क्षमता होने के बावजूद वर्तमान में 42,119 कैदी बंद हैं। इसका मतलब है कि करीब 12 हजार कैदी अतिरिक्त हैं और जेलें अपनी क्षमता से लगभग 35 प्रतिशत अधिक लदी हुई हैं।

जेलों में भीड़ का आंकड़ा
बड़ी जेलों में भीड़ सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। रीवा सेंट्रल जेल की क्षमता केवल 886 है, लेकिन यहां 2,282 कैदी बंद हैं, यानी 1,396 कैदी अतिरिक्त हैं। इंदौर सेंट्रल जेल में 1,280 की क्षमता के मुकाबले 2,191 कैदी हैं, जबकि भोपाल सेंट्रल जेल में 2,641 की क्षमता के लिए 3,454 कैदी बंद हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मध्य प्रदेश की जेलों में भीड़ का स्तर खतरनाक सीमा पर है।

अंडर ट्रायल कैदियों की संख्या
प्रदेश की जेलों में बंद लगभग आधे कैदी अंडर ट्रायल हैं, यानी उन्हें अभी तक अदालत से सजा नहीं मिली। कुल 42,119 कैदियों में से 22,261 विचाराधीन हैं, यानी 52.85 प्रतिशत। इन अंडर ट्रायल कैदियों में 21,410 पुरुष और 851 महिला शामिल हैं। जिला जेलों में यह संख्या और भी अधिक है, जहां 10,002 पुरुष और 516 महिला कैदी विचाराधीन हैं। इन आंकड़ों से यह साफ है कि मध्य प्रदेश की जेल प्रणाली पर अत्यधिक दबाव है और ओवरलोडिंग की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर