सिंघार ने कहा कि सदियों से जल, जंगल और जमीन से जुड़े आदिवासी समुदाय आज अपने गांव और खेत छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए विवश हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का यह पलायन उनकी पहचान और सम्मान से जुड़ा एक गहरा सामाजिक संकट बनता जा रहा है।
भाजपा सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों की यह तस्वीर बेहद चिंताजनक है।
अपनी ही जल-जंगल-ज़मीन से जुड़े लोग आज रोज़गार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं। जिन हाथों को अपने गाँव, अपने खेत और अपनी संस्कृति को संवारना था, वे आज परदेस में मज़दूरी करने के लिए विवश हैं।… pic.twitter.com/ZrWmTtmjN2— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 9, 2026
सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट संकेत
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों से हर वर्ष बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करते हैं। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है।