कुशमैन एंड वेकफील्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, खान मार्केट में अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में दुकानों का मासिक किराया 1,700 से 1,800 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां की मांग अब स्टेटस सिंबल बन चुकी है। सीमित रिटेल स्पेस और बड़े ब्रांड्स की भारी भीड़ के कारण नई जगह पाना लगभग असंभव हो गया है। यही वजह है कि खान मार्केट लगातार देश के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित शॉपिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में भी किराए में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब दुकानदारों को 1,150 से 1,250 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह किराया देना पड़ रहा है। वहीं, गुरुग्राम का गैलेरिया मार्केट सबसे अधिक 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अब कनॉट प्लेस के बराबर किराया दर्ज कर रहा है।
उत्तर दिल्ली के छात्र और युवा केंद्रित बाजार कमला नगर में किराए में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब यहां किराया 480 से 510 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। नोएडा के सेक्टर-18 में भी किराया 8 प्रतिशत बढ़कर 200 से 220 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। दक्षिणी दिल्ली के प्रमुख बाजार साउथ एक्सटेंशन और लाजपत नगर में 3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। करोल बाग में दुकानों का मासिक किराया बढ़कर 395 से 415 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच पहुंच गया है।
कुशमैन एंड वेकफील्ड के कार्यकारी प्रबंध निदेशक गौतम सराफ का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के रिटेल बाजारों में यह उछाल प्राइम लोकेशंस पर जगह की कमी और लगातार बढ़ती मांग का संकेत है। 2025 में दिल्ली-एनसीआर में करीब 22.5 लाख वर्ग फुट रिटेल स्पेस किराए पर लिया गया, जो 2019 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम लोकेशंस पर बढ़ती मांग के कारण आने वाले समय में भी किराए में बढ़ोतरी का रुझान जारी रह सकता है।