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रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव


भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नौरादेही का रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। जल्द ही वहां भी चीते छोड़े जाएंगे।

मुख्यमंत्री यादव ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में पांच नये शावकों की आमद से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। सरकार करीब दो महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्य प्रदेश में चीतों के तीन घर तैयार हो जाएंगे। हम मगर/घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त करेंगे, ताकि हमारी जैव सम्पदा और भी समृद्ध हो सके।

यादव ने कहा कि टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। खेलने वाले कुल 20 देश, 55 मैच और विजेता- भारत, यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम ने दृढ़ संकल्प, साहस और पराक्रम से यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग-2026 के हालिया घोषित रिजल्ट में मध्य प्रदेश के दो होनहार अभ्यर्थियों द्वारा टॉप टेन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने पर दोनों ही अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कई विद्यार्थियों का यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस इत्यादि कई पदों पर चयन हुआ है। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित होकर प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं।

उन्होंने मंत्रियों से कहा कि मध्य प्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा सराहना की गई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने गत 05 मार्च को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि मध्य प्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। मध्य प्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। जल संचयन के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार भी जल इस दिशा में जनभागीदारी से ऐसा ही कदम बढ़ाने जा रही है।

यादव ने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। दूसरे चरण में भी मध्यप्रदेश में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं और 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दस्तावेजों के डिजिटल पंजीयन का काम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में प्रति वर्ष करीब 16 लाख से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है। यह एक बड़ा काम है पर हम इसे समय-सीमा में ही पूरा करेंगे। संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई- पंजीयन शुरु कर दिया है। यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। संपदा प्रणाली से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टॉम्प तैयार कर सकता है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। साथ ही दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। उड़द की खरीद पर बोनस देने के मामले में मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने यह कदम उठाया है। गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


खाड़ी देशों में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर हेल्पलाइन-कंट्रोल रूम स्थापित

पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली में एवं भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। मध्य प्रदेश के निवासी जो खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गए और वर्तमान परिस्थतियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों तो वे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हम सभी कदम उठा रहे हैं। अब तक हजारों लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी हो चुकी है।

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