निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निरीक्षण के समय नगर निगम के अधिकारी, इंजीनियर, ठेकेदार और कंसल्टेंट भी मौजूद रहे।
कई प्रमुख मार्गों के कार्य का लिया जायजा
संभागायुक्त ने शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इनमें टैगोर चौराहा से दो तालाब, गेल इंडिया से नीलगंगा चौराहा और मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक के मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों ने उन्हें परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी।
टैगोर चौराहे से दो तालाब तक करीब 9.68 करोड़ रुपए की लागत से 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पर फिलहाल ड्रेनेज निर्माण कार्य जारी है, जिसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
40 करोड़ की लागत से बन रही 2.76 किमी सड़क
वहीं गेल इंडिया से केटीएम शोरूम, शांति नगर होते हुए नीलगंगा चौराहा तक लगभग 2.76 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ रुपए है और यहां भी 18 मीटर चौड़ी सड़क विकसित की जा रही है।
इसके अलावा मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक का निर्माण कार्य नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 7.5 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
नागरिकों से भी की बातचीत
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने आसपास के क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से भी बातचीत की। उन्होंने निर्माण कार्य के चलते हो रही असुविधाओं के लिए खेद जताते हुए भरोसा दिलाया कि समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सड़क चौड़ीकरण की ये परियोजनाएं सिंहस्थ महापर्व 2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही हैं, ताकि उस समय शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और मशीनरी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।